क्रिकेट बेटिंग ऐप लिंक मामले में ED ने टीवी होस्ट शेफाली बग्गा से की पूछताछ

शेफाली बग्गा

टेलीविजन होस्ट और पूर्व रियलिटी शो प्रतियोगी शेफाली बग्गा गुरुवार को कथित महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर जोनल कार्यालय पहुंचीं। शेफाली बग्गा जगदीश कुमार ठक्कर की करीबी सहयोगी होने का आरोप है।

ED के मुताबिक जगदीश ठक्कर महादेव बेटिंग नेटवर्क का एक प्रमुख सदस्य है और अवैध सट्टेबाजी से अर्जित धन को हवाला के जरिए इधर-उधर पहुंचाने वाले मुख्य ऑपरेटरों में से एक माना जाता है।

ED अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार सुबह नया समन जारी किए जाने के बाद ही शेफाली बग्गा जांच में शामिल हुईं। इससे पहले एजेंसी द्वारा कई बार समन जारी किए जाने के बावजूद वह पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुई थीं।

जांचकर्ताओं का आरोप है कि शेफाली बग्गा महादेव बेटिंग ऐप्स का एक प्रमुख सार्वजनिक चेहरा बन गई थीं और कथित तौर पर दुबई तथा लंदन सहित विदेशों से अपनी गतिविधियां संचालित करती थीं। ED का दावा है कि उसे डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनमें प्रचार सामग्री, प्रमोशनल पेज और सोशल मीडिया पोस्ट शामिल हैं। इनसे कथित तौर पर पता चलता है कि शेफाली बग्गा बेटिंग प्लेटफॉर्म का प्रचार कर रही थीं, लोगों को उनसे जुड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही थीं और सट्टेबाजी से जुड़े टिप्स भी साझा कर रही थीं।

ED का यह भी आरोप है कि शेफाली बग्गा एक टेलीग्राम चैनल संचालित करती थीं, जिसका उपयोग बिना किसी नियामकीय निगरानी वाले, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड माध्यम के रूप में अवैध बेटिंग कोड, प्रमोशनल लिंक और सट्टेबाजी संबंधी टिप्स साझा करने के लिए किया जाता था।

ED यह भी जांच कर रही है कि क्या शेफाली बग्गा और जगदीश ठक्कर का संबंध केवल प्रचार गतिविधियों तक सीमित था या उससे आगे भी था, और क्या शेफाली बग्गा को जगदीश ठक्कर या महादेव बेटिंग सिंडिकेट से कथित रूप से जुड़ी संस्थाओं से कोई आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ था।

ED के मुताबिक, जगदीश ठक्कर हवाला लेनदेन का संचालन करता था, जिसके जरिए सट्टेबाजी से अर्जित धन का हस्तांतरण किया जाता था। साथ ही उसके कई प्रमोटरों, एजेंटों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से वित्तीय संबंध थे, जिन्होंने कथित तौर पर विदेशों से संचालित होने वाले इन बेटिंग ऐप्स का भारत में विस्तार करने में मदद की।

यह पूछताछ महादेव ऑनलाइन बुक मामले में ED की जारी मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है। एजेंसी का आरोप है कि यह बेटिंग सिंडिकेट ऑफशोर प्लेटफॉर्म, हवाला नेटवर्क और प्रमोटरों के जरिए अवैध सट्टेबाजी संचालित करता था तथा अपराध से अर्जित धन को विभिन्न माध्यमों से इधर-उधर पहुंचाता था।

समाचार प्रकाशित होने तक ED के आरोपों पर शेफाली बग्गा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

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